नोएडा

दिल्ली होटल अग्निकांड के बाद अलर्ट! क्या नोएडा-ग्रेटर नोएडा के होटल और PG भी हैं खतरे की जद में?

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा में होटल, पीजी और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा जांच की मांग तेज हुई है। फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा पर जोर दिया गया।

Reported by India Headlines and edited by Shagun Chaurasia

Delhi Hotel Fire || Malviya Nagar Fire Incident ||  Noida Fire Safety || Guest House Inspection: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संचालित होटल, गेस्ट हाउस, पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन से व्यापक जांच अभियान चलाने की मांग उठने लगी है।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त को भेजे गए एक मांग पत्र में कहा गया है कि तेजी से विकसित हो रहे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हजारों छात्र, नौकरीपेशा लोग और पर्यटक प्रतिदिन ठहरते हैं। ऐसे में सभी आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा बेहद जरूरी है।

फायर सेफ्टी नियमों में अनदेखी

विशेषज्ञों का मानना है कि आग से जुड़ी अधिकांश घटनाओं में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी सामने आती है। कई भवनों में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकास मार्ग या तो मौजूद नहीं होते या सही स्थिति में नहीं पाए जाते। इसके अलावा अवैध निर्माण और स्वीकृत मानकों से अधिक उपयोग भी हादसों का कारण बन सकते हैं।

सख्त कार्रवाई की मांग

मांग की गई है कि प्रशासन, अग्निशमन विभाग और विकास प्राधिकरण संयुक्त अभियान चलाकर होटल, गेस्ट हाउस और पीजी की जांच करें। फायर एनओसी, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और भवन मानकों का विशेष सत्यापन किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।

सामाजिक संगठनों का कहना है कि दिल्ली का हादसा केवल एक घटना नहीं, बल्कि चेतावनी है। यदि अभी से सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। विकास के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।

ये भी पढ़ें: हाईराइज सोसाइटी बनी मौत का जाल, ऊपर से गिरा प्लास्टर और चली गई जान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »